Kisi Ki Yaad Ko Hum Sine Se Is Hindi Ghazal (Sharda Sinha) Lyrics Sung By Sharda Sinha . This Song Is Written By Jafar Parvej, Aashik Ha...
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Kisi Ki Yaad Ko Hum Sine Se Is Hindi Ghazal (Sharda Sinha) Lyrics Sung By Sharda Sinha. This Song Is Written ByJafar Parvej, Aashik Hanif, Gopal Singh Nepali, Ashad Mohammad Khan, Abdul Hamid, Phirak Gorakhpuri & B.L. Mathur While Music Composed By Ved Sethi. It’s Released By T-Series.
एल्बम: किसी की याद (Album: Kisi Ki Yaad)
गायक: शारदा सिन्हा (Singer: Sharda Sinha)
गीतकार: जफर परवेज, गोपाल सिंह नेपाली, आशिक हनीफ, अशद मोहम्मद खान, अब्दुल हमीद, फिराक गोरखपुरी, बी एल माथुर ( Jafar Parvej, Aashik Hanif, Gopal Singh Nepali, Ashad Mohammad Khan, Abdul Hamid, Phirak Gorakhpuri & B.L. Mathur)
संगीतकार: वेद सेठी (Music: Ved Sethi)
लेबल: टी-सीरीज (Lable: T-Series)
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
गमों की धूप में जलते हैं मुंह छिपाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
बहुत दिनों से मेरा उसका सामना न हुआ
बहुत दिनों से मेरा उसका सामना न हुआ
मुझे भी उम्र हुई है उसे भुलाए हुए
मुझे भी उम्र हुई है उसे भुलाए हुए
गमों की धूप में जलते हैं मुंह छिपाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
रखेगा याद कि दहलीज पर कदम कोई
रखेगा याद कि दहलीज पर कदम कोई
दिए उम्मीद के बैठे हैं हम जलाए हुए
दिए उम्मीद के बैठे हैं हम जलाए हुए
गमों की धूप में जलते हैं मुंह छिपाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
वो एक हम कि हमें मौसमों ने कुछ न दिया
किसी की धूप हुई और किसके साए हुए
किसी की धूप हुई और किसके साए हुए
गमों की धूप में जलते हैं मुंह छिपाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
बहुत दिनों से मेरा उसका सामना न हुआ
बहुत दिनों से मेरा उसका सामना न हुआ
मुझे भी उम्र हुई है उसे भुलाए हुए
मुझे भी उम्र हुई है उसे भुलाए हुए
गमों की धूप में जलते हैं मुंह छिपाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
किसी की याद को सीने से हम लगाए हुए
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